10 बैंकों से 100 करोड़ की ठगी… STF ने किया गिरोह का पर्दाफाश; बिल्डरों के साथ मिलकर ‘खेल’ करने वाले 8 अरेस्ट

adminmashal
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नोएडा में 100 करोड़ से ज्यादा के लोन फ्रॉड का खुलासा हुआ है. पुलिस ने फर्जी दस्तावेज बनाकर बैंको को ठगने वाले गैंग का पर्दाफाश किया. एसटीएफ ने गिरोह के सरगना समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. बैंक से लोन लेने के बाद गैंग के सदस्य फरार हो जाते थे. इस मामले में कुछ बैंक कर्मियों की भी मिलीभगत सामने आई है, जिनसे पूछताछ की जा रही है.

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ सूरजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है. इसके साथी पुलिस अन्य बैंक खातों, फंडिंग नेटवर्क और बिल्डरों की भूमिका की जांच कर रही है. कुछ और लोगों के इस सिंडिकेट से जुड़े होने की संभावना जताई जा रही है. गैंग के अंतर्राज्यीय कनेक्शन को ध्यान में रखते हुए अब इंटर-स्टेट पुलिस टीम भी बनाई जा सकती है.

नोएडा में एसटीएफ ने 100 करोड़ से ज्यादा के बैंक फ्रॉड करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है. गैंग के सरगना समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सभी ठग फर्जी आधार, पैन और अन्य दस्तावेज बनाकर कई बैंकों को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे थे. अब तक की जांच में सामने आया कि गिरोह कम से कम 10 बैंकों से 100 करोड़ से ज्यादा की ठगी कर चुका है. गैंग के सदस्यों ने ठगी गई रकम को बड़े-बड़े बिल्डर, प्रोपर्टी डीलर और अन्य लोगों के साथ मिलकर इन्वेस्ट करते थे. पूछताछ में एसटीएफ को 200 संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिन्हें ठगी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था.

इन राज्यों तक फैला था नेटवर्क

नोएडा एसटीएफ यूनिट के एडिशनल एसपी राजेश कुमार मिश्र ने बताया जांच में सामने आया कि यह गिरोह लंबे समय सक्रिया था और फर्जी आधार, पैन और पहचान पत्र तैयार करता था. फर्जी प्रोफाइल बनाकर अलग-अलग नामों से होम लोन और पर्सनल लोन व LIC लेता था. इन्होंने चंडीगढ़, उत्तराखंड, दिल्ली और यूपी के कई बिल्डरों के साथ सांठगांठ कर फर्जी प्रोफाइल फंडिंग कराई है. इसकी भी गहनता से जांच की जा रही है.

पुलिस ने इस गैंग के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिसमें 126 पासबुक एवं चेकबुक, 170 डेबिट कार्ड, 45 आधार कार्ड, 27 पैन कार्ड, 15 आईडी कार्ड, 5 वोटर आईडी कार्ड, 26 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 3 गाड़ियां और सैकड़ों लोगों के होम लोन और पर्सनल लोन के दस्तावेज़ व रजिस्ट्री कागजात शामिल हैं.

पुलिस कर रही जांच

आखिर किसके कहने पर यह लोग फर्जी प्रोफाइल बनाकर इन सभी बड़े बिल्डरों को फंडिंग कर रहे थे. इसमें बैंक के कुछ कर्मचारियों की भी भूमिका संदिग्ध पाई गई है. फिलहाल उनकी भी जांच की जा रही है. ये सभी गैंग के सदस्य लोन पास होने के बाद फरार हो जाते थे. इस तरह यह गिरोह बड़े पैमाने पर बैंकिंग सिस्टम को चूना लगा रहा था.

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