संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा स्थित जिला मुख्यालय से सटे सूरजपुर में राष्ट्रीय देहात मोर्चा द्वारा गौतम बुद्ध नगर जिले में वर्षों से बंद पड़े पंचायत एवं नगरीय चुनावों को पुनः शुरू कराने की मांग को लेकर एक व्यापक और असरदार विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और जागरूक नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी सुरेंद्र भाटी ने की। गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली, स्थानीय जनप्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना और प्राधिकरण व्यवस्था के कारण उत्पन्न समस्याओं को शासन-प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखना रहा। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की जड़ हैं और इन्हें समाप्त कर ग्रामीणों के संवैधानिक अधिकार छीने गए हैं।
दरअसल, विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय देहात मोर्चा के अध्यक्ष राव संजय भाटी ने कहा कि जिला मुख्यालय से जुड़े सूरजपुर जैसे क्षेत्र में गंदगी, टूटी सड़कें, जलभराव और अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरण बोर्ड में आज तक गांवों का कोई प्रतिनिधि सदस्य शामिल नहीं किया गया, जबकि कानून में इसका स्पष्ट प्रावधान है। प्राधिकरण की प्राथमिकता केवल जमीन अधिग्रहण तक सीमित है, शहर बसाने के नाम पर गांवों की जमीन तो ले ली जाती है लेकिन विकास के नाम पर ग्रामीण इलाकों को भुला दिया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास की जिम्मेदारी अधिग्रहणकर्ता प्राधिकरण की है और इसकी सभी योजनाओं में किसानों व क्षेत्र के भूमिहीनों की हिस्सेदारी और भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

इस दौरान पंकज अवाना ने कहा कि पुराने औद्योगिक कानूनों में बदलाव कर पंचायत चुनाव समाप्त कर दिए गए, जबकि प्राधिकरण बनने से लेकर वर्ष 2010 तक पंचायत चुनाव नियमित रूप से होते रहे। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि क्षेत्र के लोग एकजुट होकर जन-जागरण अभियान चलाएं, क्योंकि संगठित संघर्ष से ही समस्याओं का समाधान संभव है। वही देवराज नागर ने कहा कि देहात मोर्चा के विचारों को घर-घर तक पहुंचाकर लोगों को जागरूक करना होगा, तभी शासन और प्रशासन तक जनता की आवाज प्रभावी ढंग से पहुंचेगी और स्थायी समाधान निकलेगा।
विचार गोष्ठी में शामिल हुए चौधरी भीम सिंह सिरसा ने पंचायत चुनाव बहाली की मुहिम को जनहित में बताया और कहा कि साजिश के तहत पंचायत चुनाव समाप्त कराए गए हैं। यह जनता का लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। विचार गोष्ठी में चौधरी रवि भाटी, रोहित भाटी, विनोद भाटी, सुदेश भाटी, मोहित भाटी, रोशन बैसला, सुनील भाटी, पवन भाटी, प्रमोद भाटी, देव लोहिया, अश्वनी कसाना, मनीष असगरपुर, गौरव कौंडली, प्रवेश पाल, प्रशांत तिलपता सहित ग्रामीण क्षेत्र के अनेक प्रमुख लोगों ने भाग लिया और पंचायत चुनाव बहाली के संघर्ष को तेज करने का संकल्प लिया।
