पीलीभीत, बाराबंकी और गोरखपुर में विकसित किए जाएंगे ESDM पार्क, निवेश मित्र-3.0 पोर्टल भी होगा लॉन्च

adminmashal
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-उत्तर प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए उच्च-स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) राउंडटेबल का आयोजन किया -उद्योगपतियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) हब बनने के दृष्टिकोण का किया समर्थन पीलीभीत, बाराबंकी और गोरखपुर में ईएसडीएम पार्क विकसित करने का प्रस्ताव लखनऊ, विशेष संवाददाता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने राज्य की वन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर प्रगति को उजागर किया और निवेशकों के लिए सुगम वातावरण सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि निवेश मित्र 3.0 जल्दी ही लॉन्च किया जाएगा, जो सिंगल-विंडो क्लियरेंस को और सरल व त्वरित करेगा और राज्य में औद्योगिक स्थापना एवं व्यवसाय में सुगमता को तेज करेगा।

साथ ही उन्होंने बताया कि पीलीभीत, बाराबंकी और गोरखपुर में इलेक्ट्रानिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित करने पर सहमति बनी है। दीपक कुमार ने ये विचार बुधवार को राज्य के वरिष्ठ नीति-निर्माताओं और शीर्ष उद्योगपतियों ने साथ लखनऊ के एक होटल में आयोजित उच्च-स्तरीय राउंडटेबल में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि लैंड बैंक, 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स रेडी पॉकेट्स, विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति, डाटा सेंटर इकोसिस्टम और इमर्जिंग आईटी पार्क्स जैसी सुविधाएं एडवांस मैन्युफैक्चरिंग को पूर्ण समर्थन देती हैं। इस दौरान प्रस्तुतिकरण में राज्य में तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर परिदृश्य का विवरण भी दिया गया और पीलीभीत, बाराबंकी और गोरखपुर में प्रस्तावित ईएसडीएम पार्कों के विषय में बताया गया, जिनको पीपीपी द्वारा विकसित किया जाएगा। उच्च-मूल्य मैन्युफैक्चरिंग, डिज़ाइन और अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी विकास के एकीकृत हब के रूप में विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश के लिए 6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के विज़न को साझा किया और इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, पर्यटन और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज में विकास को तेज करने के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, विस्तारित एक्सप्रेसवेज नेटवर्क और दादरी में मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स हब जैसे प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया, जो राज्य की औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगी। मुख्यमंत्री के सलाहकार के.वी. राजू ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की निवेशकों को सहज सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश उन सभी उद्यमों के लिए पूरी तरह तैयार है, जो राज्य में अपनी स्थापना या विस्तार करना चाहते हैं। व्यापक औद्योगिक परिदृश्य पर बोलते हुए, नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव और आर्थिक विकास मिशन के नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने राज्य में अनुकूल निवेश वातावरण को रेखांकित किया, जो प्रगतिशील नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था और उच्च गुणवत्ता वाले तकनीकी प्रतिभा से सुसज्जित है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब डिज़ाइन आधारित और नवाचार-संचालित विनिर्माण के लिए देश की सबसे मजबूत आधारशिलाओं में से एक प्रदान करता है। बैठक में 30 से अधिक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों जैसे डिक्सन टेक्नोलॉजीज, सुमितोमो कॉर्पोरेशन, सेम्बकॉर्प, हैयर, इंडोस्पेस, टाटा प्रोजेक्ट्स, हेवेल्स, सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स, ऐडवर्ब, बोट लाइफस्टाइल और अन्य कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया, जो राज्य के तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र में बढ़ते उद्योग विश्वास को दर्शाता है।

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