दोस्त पुतिन को PM मोदी से मिले कई उपहार, गीता के श्लोकों से लेकर चाय की मिठास; लिस्ट में और क्या?

adminmashal
3 Min Read

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को उनकी भारत यात्रा के दौरान भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला और परंपरा का प्रतिनिधित्व करने वाले छह विशेष उपहार भेंट किए हैं। ये तोहफे भारत-रूस की गहरी, स्थायी दोस्ती और साझा मूल्यों का प्रतीक हैं। ये उपहार न सिर्फ पीएम मोदी का पुतिन के प्रति व्यक्तिगत स्नेह दर्शाते हैं, बल्कि भारत की एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) और भौगोलिक संकेत (जीआई) जैसी पहलों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ावा देते हैं।

बेहतरीन असम काली चाय

ब्रह्मपुत्र के उपजाऊ मैदानों में उगाई जाने वाली, अपनी तेज माल्ट जैसी महक और चमकदार रंग के लिए प्रसिद्ध, यह चाय असमिका किस्म से पारंपरिक तरीके से तैयार की जाती है। 2007 में जीआई टैग प्राप्त इस चाय में क्षेत्र की विरासत, जलवायु और शिल्प की झलक मिलती है। यह स्वास्थ्य लाभ के लिए भी मूल्यवान है।विज्ञापन

चांदी का नक्काशीदार चाय सेट

खास नक्काशी से सजा यह चांदी का सेट मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) का चांदी का चाय सेट भारत और रूस दोनों में चाय के सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है।

हस्तनिर्मित चांदी का घोड़ा

महाराष्ट्र का यह हस्तनिर्मित चांदी का घोड़ा भारत की धातु शिल्प परंपरा की बारीकी को प्रदर्शित करता है। यह गरिमा और वीरता का प्रतीक है, जिसका सम्मान भारतीय और रूसी दोनों संस्कृतियों में किया जाता है। इसकी आगे बढ़ती हुई मुद्रा भारत-रूस साझेदारी के निरंतर आगे बढ़ने का रूपक है। कश्मीरी केसर कश्मीर के ऊंचे इलाकों में उगाया जाने वाला, स्थानीय रूप से कोंग या जाफरान के नाम से मशहूर, यह केसर अपने समृद्ध रंग, सुगंध और स्वाद के लिए जाना जाता है।

संगमरमर का शतरंज सेट

आगरा का यह हस्तनिर्मित सेट उत्तम शिल्प कौशल और कार्यात्मक लालित्य का मिश्रण है। यह क्षेत्र की पत्थर जड़ने की विरासत को दर्शाता है। इसमें व्यक्तिगत रूप से जड़े हुए रूपांकनों और विपरीत रंग के पत्थर के मोहरे हैं, जो कला का अद्भुत उदाहरण है। इसके साथ ही श्रीमद् भगवदगीता (रूसी भाषा में) महाभारत का यह अंश, जिसमें श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्तव्य, आत्मा और आध्यात्मिक मुक्ति पर मार्गदर्शन दिया है। इसका शाश्वत ज्ञान आंतरिक शांति के लिए प्रेरित करता है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *