‘दो शब्द प्यार से बोल देती जान…’, कानपुर के कांस्टेबल मान महेंद्र का सुसाइड नोट, दर्द ऐसा की आंसू निकल आए!

adminmashal
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“कुछ कमी रह गई होगी इसलिए मैं यह दुनिया छोड़ रहा हूं, मेरी प्रिय. प्यार के दो शब्द कभी तो बोलती, तो.. तुम शादी कर लेना, मेरा भाई और भाभी बच्चों का ध्यान रखेंगे. मुझे माफ करना.” कांस्टेबल महेंद्र की सुसाइड नोट में यह दुख उजागर होते ही उत्तर प्रदेश पुलिस में शोक छा गया. वह कानपुर पुलिस के यूपी 112 में तैनात थे. 2 दिसंबर को उन्होंने कल्याणपुर इलाके में किराए के घर में फांसी लगा ली. पुलिस सुसाइड के कारण की तलाश कर रही थी.

पत्नी का बयान 12 घंटे में पलट गया

पुलिस ने मौत के बारे में पूछा तो पत्नी ने जवाब दिया, “मेरे पति ने कई लोगों से लाखों रुपये का कर्ज लिया था. जब मैंने पैसे मांगे तो वह कहते थे कि सुसाइड कर लूंगा.” लेकिन कांस्टेबल के छोटे भाई देवकी नंदन ने पुलिस को सुसाइड नोट दे दिया, जिसके बाद पत्नी के बताई गई वजह महज 12 घंटे में पलट गई.

महेंद्र ससुराल वालों से हुए झगड़ों से तंग आ चुके थे. भाई ने कहा, “10 दिन पहले तक महेंद्र की पत्नी कविता और दो बच्चे मथुरा में थे और महेंद्र खुद उन्हें ले गया था. उसे ससुराल वालों से धमकियां मिल रही थीं. मेरे भाई की जान कर्ज की वजह से नहीं बल्कि उसकी पत्नी से हुए झगड़े की वजह से गई.”

20 बार फोन किया, लेकिन जवाब नहीं दिया

कांस्टेबल महेंद्र के छोटे भाई देवकी नंदन मथुरा में रहते हैं. वह रोते हुए बोले, “मैं महीने भर से महेंद्र से बात नहीं कर पाया था. वह मेरे व्हाट्सएप मैसेज का भी जवाब नहीं दे रहा था. 2 दिसंबर को मैंने उसे 20 बार फोन किया और मैसेज भेजे. मेरा भाई इतना परेशान था कि वह बात भी नहीं कर पा रहा था. उसके बाद 2 बजे मुझे खबर मिली कि वह अब जिंदा नहीं है. मेरे भाई को उसके ससुराल वालों ने धमकी दी थी. पत्नी से हुए झगड़े के बाद उसने पहले भी दो बार सुसाइड करने की कोशिश की थी. तब मैंने उसे बचाया था, लेकिन इस बार 350 किलोमीटर दूर होने के कारण मैं उसके पास नहीं पहुंच सका.”

ट्रंक में एक सुसाइड नोट मिला

ट्रंक में मिले सुसाइड नोट में लिखा था, ”प्रिय पत्नी… तुमने हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया, इसलिए मैं तुम्हारे लिए कुछ नहीं लिखूंगा. यह घर तुम्हारा और तुम्हारे माता-पिता का है. तुम जहां भी रहो, खुशी से रहो. लेकिन कुछ कमी रह गई है कि मैं यह दुनिया छोड़ रहा हूं. मेरी प्रिय, तुम प्यार की दो पंक्तियां कह सकती थीं. तुम जवान हो, शादी कर लो. आज मैं अपने समय से पहले छुट्टी ले रहा हूं. गांव वालों को मेरा सलाम और मुस्लिम भाइयों को मेरा सलाम.”

मेरे भाई पर हाथ उठाथी थी- देवकी

देवकी नंदन ने बताया, ”मेरे भाई ने मुझे फोन करके कहा कि मैं सेवा में हूं, मैं अच्छा कमाता हूं और मैं अपने परिवार का पालन-पोषण करता हूं, लेकिन फिर भी मेरी पत्नी मेरे साथ बुरा व्यवहार करती है. वह तुरंत झगड़ा करना शुरू कर देती है और कई बार कविता ने मेरे भाई पर हाथ उठाया. महेंद्र ने मुझे इसके बारे में बताया.”

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