लखनऊ। मलिहाबाद में शनिवार को तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। अधिकांश शिकायतें राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग से संबंधित थीं। इसी तहसील दिवस में मलिहाबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने एसीपी कोर्ट के संचालन और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 76 के तहत लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की मांग की।
बार एसोसिएशन के अनुसार, पिछले लगभग पांच सालों से एसीपी कोर्ट का संचालन नहीं हो रहा है। इससे दूर-दराज के ग्रामीण निवासियों और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनमें काफी रोष है। अधिवक्ताओं ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 76 की उपधारा (2)-(3) के स्पष्ट प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है।
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इस प्रावधान के तहत, 5 वर्ष की अवधि समाप्त होने पर असंक्रमणीय अधिकार वाला भूमिधर संक्रमणीय अधिकार वाला भूमिधर हो जाता है। वर्तमान में धारा 76 के तहत बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। मलिहाबाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और समस्त अधिवक्ताओं की एक संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है।
यदि 48 घंटों के भीतर लिखित आश्वासन नहीं मिलता है, तो 9 फरवरी 2026 को तहसील मलिहाबाद स्थित सभी राजस्व न्यायालयों का बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद, 10 फरवरी 2026 से सभी राजस्व न्यायालयों में हड़ताल शुरू की जाएगी। इस दौरान, समाज से यूसुफ नामक व्यक्ति ने पीडब्ल्यूडी विभाग से संबंधित एक प्रार्थना पत्र भी दिया, जिसमें उन्होंने सड़क निर्माण कराए जाने की बात कही। तहसील दिवस में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे
